गाजियाबाद, प्रगति विज्ञान संस्था द्वारा दुनिया के सबसे पहले विज्ञान आधारित रियलिटी शो “विज्ञान घर” सीजन 3 का आयोजन औद्योगिक क्षेत्र साइट 4 साहिबाबाद स्थित इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित होगा। विज्ञान गुरु दीपक शर्मा ने बताया कि यह आयोजन दो स्थानों पर होगा। 15 जून से 20 जून तक इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज,साहिबाबाद में और 21 जून से 23 जून तक हल्द्वानी के एमआईईटी कॉलेज में बेस कैंप रहेगा। इस दौरान 21 जून को मड्ड थेरपी और पृथ्वी की परिधि मापने का रियल प्रयोग,22 व 23 जून को नेचर वॉक और देवस्थली आर्यभट खगोल वेधशाला का भ्रमण होगा । 24 जून को वापस इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में समापन व विजेता घोषित किया जाएगा।
विज्ञान गुरु दीपक शर्मा ने बताया कि विज्ञान घर का उददेश्य विज्ञान सीखने व उसके उपयोग करने की प्रकिया को आस पास के परिवेश व वातावरण से जोड़ना हैं, प्रकृतिक नैसर्गिक जिज्ञासा व सृजनात्मकता को विकसित करने का अवसर प्रदान करना। 10 दिन के लिए देशभर से चयनित 20 विज्ञान में रुचि रखने वाले युवा वैज्ञानिक इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज में बने विज्ञान घर में रहेंगे । इनका इस दौरान बाहरी दुनिया से किसी प्रकार का संवाद नही होगा। विज्ञान युवा हर रोज कोई न कोई विज्ञान प्रयोग या देश दुनिया की समस्याओं पर ही विज्ञान की मदद से समाधान ढूढने की कोशिश करेंगे। विज्ञान पुत्रों की घोषणा प्रतिदिन की जाएगी और आखिरी दिन में फाइनल विजेता के नाम की घोषणा की जाएगी। विज्ञान घर में रियल शोध करने वाले वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे।
विज्ञान गुरु ने बताया कि विज्ञान घर जून 2015 में शुरू किया गया था और यह तीसरा विज्ञान घर बनाया जा रहा है। समिति द्वारा विज्ञान घर के सभी सदस्यों का चयन कर लिया गया है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। कॉलेज के अंदर विज्ञान घर का सेटअप तैयार होना शुरू हो गया है।
विज्ञान घर क्या है
बौद्विक,शारिरिक,मानसिक व सामाजिक सृजनशिलता से बना घर!
औपचारिक शिक्षा पद्वति व व्यवस्था में अनौपचारिक सार्थक हस्तक्षेप।
युवा शक्ति को भविष्य के प्रति सार्थक सपने संजाने व उन्हे साकार करने के लिए प्रोत्साहित कर ऐसे मानव संसाधन का निर्माण करना जो समाज व राष्ट्र के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी हो।
युवाओ में वैज्ञानिक विधि द्वारा कार्ययोजना बनाकर परिणाम तक पहुचाने की प्रवृत्ति का विकास करना।
आम जनमानस में वैज्ञानिक समझ विकसित करना।
भारतीय वैज्ञानिक सांस्कृतिक परम्परा के साथ आधुनिक विज्ञान के साथ सामंजस्य स्थापित करना।
समाज के लिए प्रभाव:-
दिशाहिनो को अपने लिए दिशा मिलेगी।
विज्ञान घर के माध्यम से समाज में फैली रूढिवादि सोच को दूर करने में मदद मिलेगी।
विज्ञान के प्रति लगाव बढ़ेगा।
विज्ञान रहस्यवाद नहीं समाज को अपना सा लगेगा।
उन्हे महसूस होगा कि दैनिक जीवन में हर पल जो कुछ घट रहा हैं वा विज्ञान ही तो हैं
विज्ञान समाज के विकास का आइना हैं उदाहरण के तोर पर देखे तो जहाॅं हांगकंग में मैकेनीकली चीजो का वातावरण हैे वहीं भारत आई टी सेक्टर में आगे हैं जो रोबोटिक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के माध्यम से समाज के विकास को प्रभावित कर रहा है।
Discover more from Jan Bharat TV
Subscribe to get the latest posts sent to your email.