मेरठ। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित उचित दर की दुकानों पर गेहूं एवं चावल के अलावा ब्रेड, बिस्किट, नमक, तेल, मसाले आदि करीब तीन दर्जन जन उपयोगी एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी वस्तुओं की बिक्री हो सकेगी। उत्तर प्रदेश शासन की संयुक्त सचिव संतलाल ने गत दिनों खाद एवं रसद आयुक्त को एक पत्र जारी करते हुए उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु विक्रय एवं वितरण नियंत्रण आदेश के तहत उचित मूल्य की दुकानों के संचालन कि व्याहवरीयता में सुधार लाने के लिए यह अनुमति प्रदान की गई है।
आदेश के मुताबिक कोटे की दुकानों पर फ्री मिलने वाली गेहूं और चावल के अलावा दाल, आटा, चीनी, मोटा अनाज, नमक, साबुन, गुड़, ब्रेड, नमकीन, सूखे मेवे, मसाले, बच्चों के कपड़े, राजमा, सोयाबीन, क्रीम, धूपबत्ती, कंगी, दर्पण, झाड़ू, पोछा, ताला. छाता, रेनकोट, वॉलबैंगर, टूथब्रश, डिटर्जेंट पाउडर, बर्तन धोने वाली साबुन और दीवार घड़ी, प्लास्टिक और प्लास्टिक के पाइप के अलावा सेविंग, बाथरूम क्लीनर, सेविंग किट बेबी केयर बाद जैसे साबुन, मसाज हेतु तेल, वाइफस, बॉडी लोशन आदि की बिक्री की जा सकती है।
प्रदेश के सभी मंडल आयुक्त आरएफसी प्रबंध निदेशक राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लखनऊ समर जिलाधिकारियों के साथ-साथ समस्त जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजते हुए बताया गया है की उपरोक्त वस्तुओं की बिक्री की अनुमति उचित दर दुकानों के माध्यम से सख्त पर प्रदान की गई है कि इन वस्तुओं का भी निर्माता एफएसएआई के मानकों का अनुपालन करता हूं तथा जिन बसों की गुणवत्ता प्रमाणीकरण की आवश्यकता हुई वस्तुएं सक्षम स्तर से प्रमाणित हो।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग के स्तर पर एक समिति का गठन भी किया जाएगा जिसमें एक सदस्य खाद सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का होगा यह समिति अन्य वस्तु की समय-समय पर समीक्षा करती हुई इनकी संख्या में वृद्धि अथवा कमी करने के लिए अधिकृत होगी। जनसेवा केंद्रों के संचालन का अधिकार कोटेदारों को देने के बाद आवश्यक वस्तु की बिक्री कोटेदारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की बात कही जा रही है।


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