लागत के आधार पर फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने कृषि यंत्रों एवं उर्वरकों के साथ-साथ कीटनाशकों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने समेत किसानों से जुड़े तमाम मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ की किसान गर्जना रैली 19 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रही है जिसमें पूरे भारत से लाखों किसानों के शामिल होने की उम्मीद है।

मेरठ प्रांत के अध्यक्ष संजीव कुमार के मुताबिक वैसे तो दिल्ली में करीब दर्जन भर ट्रैक्टरों को पहुंचने की अनुमति दी गई है लेकिन कार बस एवं करीबी जिलों से पैदल यात्रा करके लाखों किसान दिल्ली पहुंचेंगे। संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष बद्रीनारायण चौधरी और संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी के नेतृत्व में होने वाली किसान गर्जना रैली में उत्तर प्रदेश से करीब 80000 किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान बाहुल्य क्षेत्र है यहां से भी करीब 25000 किसानों के गर्जना रैली में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। संगठन की प्रमुख मांग यह है की लागत के आधार पर फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। इसके अलावा कृषि में काम आने वाले यंत्रों उर्वरकों कीटनाशकों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाना प्रमुख मांग है। किसानों का मानना है की जीएसटी से फसलों की लागत बढ़ रही है और बाजार में उसका उतना मूल्य नहीं मिल पाता है। संगठन की प्रमुख मांगों में किसान सम्मान निधि को बढ़ाने और प्रत्येक किसान को मिलने की सुनिश्चित था तय करने की बात भी कही गई है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में सभी प्रकार के जीएमडीटी सरसों को अनुमति देने के निर्णय की कठोर आलोचना करते हुए उसे तुरंत वापस लेने और फसलों के अवशेष जलाने के मामले में किसानों पर हो रही कार्रवाई और उन पर लगाए जा रहे आर्थिक दंड को समाप्त करने की मांग भी की जाएगी। संगठन का कहना है कि गन्ने का संपूर्ण भुगतान 14 दिन में कराया जाए और गन्ने के भाव में उचित बढ़ोतरी की जाए।


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