2019 वर्ल्ड कप के बाद अलग-अलग कारणो से टीम इंडिया से अंदर बाहर रहे कुलदीप यादव ने एशिया कप के सुपर 4 मैच में पाकिस्तान के खिलाफ पांच और श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट लेकर फिर यह साबित कर दिया कि वही इस टीम के असली गेंदबाज है। 8 टेस्ट, 32 T20 और 88 वनडे खेलने वाले कुलदीप का पिछले साल घुटने का ऑपरेशन हुआ था 2020-21 में उन्हें लगातार टीम में जगह नहीं दी गई थी लेकिन रोहित शर्मा के सभी फॉर्मेट का कप्तान बनने के बाद इस 28 साल के चाइनामैन स्पिनर को पूरा मौका मिला है यही कारण है कि वह इस साल वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय बने हैं। इन्होंने 31 विकेट लिए यही नहीं वह भारत में इस साल होने वाले वनडे विश्व कप में रोहित का सबसे खतरनाक हथियार होंगे हालांकि उनके इस सफर में काफी रुकावटें आई लेकिन उन्होंने दुनिया के सामने खुद को साबित कर कर ही दिखाया। कुलदीप ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद कहा था कि ” पिछले साल घुटने के ऑपरेशन के बाद मेरा रन अप काफी हद तक सीधा हो गया मेरी लाइफ आकर्मक हो गई पहले गेंद छोड़ने के बाद मेरा हाथ नीचे गिरता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता अब मेरा हाथ बल्लेबाज के सामने होता है मैंने ऑपरेशन के बाद अपनी स्किल को बढ़ाने की कोशिश की है। मैंने इस पर पूरा ध्यान दिया है कि मैं अपनी गति कोई बिना अपनी स्क्रीन और ड्रिफ्ट को बरकरार रखा अगर कोई लेग स्पिनर गेंद को गुड लेंथ पर पिच करता है तो फिर लगातार विकेट हासिल कर सकता है ” ऐसे में ढीली गेंद की संख्या कम हो जाएगी और आपकी परफॉर्मेंस में निरंतर जरूर आएगी संन्यास लेने के बाद भी मैं हमेशा इस बात को याद रखूंगा कि मैंने पाकिस्तान के खिलाफ पांच विकेट लिए थे यह मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है क्योंकि पाकिस्तान के बल्लेबाज स्पिन को बहुत अच्छा खेल सकते हैं अगर आप एक ऐसी टीम के खिलाफ अच्छा करते हैं जो कि एशिया में स्पिन को अच्छी तरह से खेलने वाली हो तो इससे आपका मनोबल भी जरूर बढ़ता है। कुलदीप के कोच कपिल देव पांडे ने फोन पर बताया कि सर्जरी के बाद कुलदीप अच्छे से पैर नहीं रख पा रहे थे वापसी के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है इस दौरान कुलदीप ने गेंदबाजी एक्शन में भी बदलाव किया है कपिल ने कहा कुलदीप की घुटनों की सर्जरी हुई थी इसके बाद वह NCA से रिहैब करके आए थे उसे गेंदबाजी करनी थी लेकिन कुलदीप पर भी नहीं रख पा रहे थे मैं सच में पड़ गया कि किस तरह कुलदीप को तैयार करूं लेकिन अतीत में मेरे भी इस तरह की चोट लग चुकी थी। इस अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मैंने अभ्यास करना शुरू कर दिया पहले 1 घंटे का सत्र लिया जिसमें कुलदीप से दो-तीन ओवर करवाए हमने फिर सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक का सत्र रखा 45 दिन लगातार यही किया ।कुलदीप फिर रहब के लिए NCA चले गए वहां से लौटने के बाद हम दोनों ने फिर सुबह 9:00 से 5:00 बजे तक 2 दिन अभ्यास किया और लंबा सेशन रखा जिससे कुलदीप ढल सके। उन्होंने कहा हमने इसे दो-तीन मैच खिलाए यहां तक की कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के मैच में भी उतारा उसमें कुलदीप ने 5 विकेट लिए हालांकि जब भी वह गेंदबाजी करते थे उनके पैर में सूजन आ जाती थी। इसके बाद आईपीएल आया उसने अच्छी गेंदबाजी की और कुलदीप की लाइन एंड लेंथ पर भी काम करते रहे। कुलदीप ने इस दौरान अपने एक्शन में भी सुधार किया पहले वो थोड़ा तिरछा जाते थे लेकिन उसने इस पर काम किया। कुलदीप ने अपने वर्कआउट नहीं छोड़ा कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी एक्टिविटीज रुक जाती है जो हमें दोबारा से शुरू करनी होती है कुलदीप ने मेहनत की और गेंदबाजी के समय हाथ को सामने की तरफ रखने पर ज्यादा काम किया।


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