वनडे विश्व कप के बाद नए कप्तान केएल राहुल की अगुवाई में भारत पहले वनडे सीरीज खेल रहा है और निर्णायक वनडे में दक्षिण अफ्रीका को 78 रन से हराकर तीन मैच की सीरीज अपने नाम की। यह दूसरी बार है जब भारत ने दक्षिण अफ्रीका को उसी के घर में जाकर वनडे सीरीज जीती है इससे पहले यह भारत ने 2018 में विराट कोहली की कप्तानी में किया था जब भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 5-1 से हरा दिया था। भारत की इस जीत के नायक रहे संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह सैमसन ने जहां वनडे करियर का पहला शतक जड़ते हुए भारतीय टीम का स्कोर 296 तक पहुंचा वहीं अर्शदीप ने गेंदबाजी से कमाल कर चार विकेट चटकाए जिससे भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 218 रन पर ढेर कर दिया।
ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने पर रजत पाटीदार को पर्दापरण करने का अवसर मिला। साईं सुदर्शन के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे रजत ने कुछ जबरदस्त शॉट लगाए लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाए रजत एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। आने वाले मैचो में कुछ बेहतर खेल दिखा सकते हैं।पिछले दो मैचो में दो अर्धशतक लगाने वाले साइ यहां दुर्भाग्यशाली रहे और हेंड्रिक्स की गेंदबाजी में अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू करार दे दिया। इस पर साई ने डीआरएस लिया टीवी रिप्ले में दिख रहे की गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थे लेकिन तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर के निर्णय को बरकरार रखा जिसे साई को पवेलियन लौटना पड़ा।
संजू का दमदार शतक
भारतीय टीम से अंदर बाहर होते रहे संजू को जब मौका मिला उन्होंने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी संजू ने शतक जड़कर दिखा दिया कि चयनकर्ता उन्हें आसानी से नजर अंदाज नहीं कर सकते शुरुआत में बल्लेबाज रजत पाटीदार और साई का विकेट जल्दी गिरने के बाद संजू ने भारतीय पारी को संभाला। इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहले कप्तान केएल राहुल के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की फिर तिलक वर्मा के साथ चौथे विकेट के लिए 116 रन जोड़े टीम को 300 के स्कोर के करीब पहुंचने में उनकी बहुत बड़ी भूमिका थी। दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध चौथे विकेट के लिए यह किसी भारतीय जोड़ी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी थी संजू ने जहां पहले 90 गेंद में केवल 64 रन बनाए तो अंतिम 24 गेंद में 183 के स्ट्राइक रेट से 44 रन जोड़कर अपना पहला शतक पूरा किया। संजू के अलावा रिंकू ने भी 38 रन की अहम पारी खेली उन्होंने एक छोर संभाल कर रखा और संजू का पूरा साथ दिया भारत का दक्षिण अफ्रीका में यह वनडे में चौथा और अफ्रीका के विरुद्ध दूसरा बड़ा स्कोर है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 6 विकेट पर 303 था जो उन्होंने 2018 में बनाया था वहीं दक्षिण अफ्रीका में वनडे में भारत का सबसे बड़ा स्कोर 351 रन है जो 2003 वर्ल्ड कप में केन्या के खिलाफ था।
अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी
पहले मुकाबले में वनडे करियर में पहली बार पांच विकेट चटकाने वाले अर्शदीप ने गुरुवार को एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका बल्लेबाजों को टिकने ही नहीं दिया दक्षिण अफ्रीका को उसके शुरुआती बल्लेबाजों रिजा और टोनी ने तेज शुरुआत दिलाई दोनों ने 8 ओवर में 60 रन जोड़ डाले तभी अस्तित्व ने रिया को आउट कर टीम को पहली सफलता दिलाई उन्होंने शतक की ओर बढ़ रहे जोर जी को भी आउट कर भारतीय टीम को राहत दी और आखिरी में दो विकेट चटका कर भारतीय टीम की झोली में तीसरे मैच को रख दिया।
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