चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर अपने कानूनों में धर्म परिवर्तन के लिए कुछ नियमों को अधिसूचित कर दिया है। जिसके तहत धर्म परिवर्तन से पहले संबंधित जिलाधिकारियों को एक सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित करके जारी नियमों द्वारा पुष्टि करनी होगी कि ये धर्मांतरण जबरन तो नहीं हो रहा है.
अवैध धर्मांतरण को लेकर हरियाणा सरकार एक्शन मे आ गई है जिसको लेकर धर्म परिवर्तन से पहले कुछ नियमों को जारी कर दिया गया है।
क्या हैं ये नियम?
हरियाणा की मौजूदा खट्टर सरकार ने धर्म परिवर्तन को लेर कड़ा रवैया अख्तियार कर लिया है, इस दौरान हरियाणा सरकार द्वारा कुछ नए नियमों को लागू कर दिया है. इन नियमों के चलते धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को डीएम के समक्ष आवेदन मे अपना व्यवसाय, आय, अपनी जाति, पता और धर्मांतरण के कारण बताने होंगे।
रोकथाम के लिए मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी
राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही मे मंजूरी देने के बाद हरियाणा मे धर्म परिवर्तन की रोकथाम के लिए इन नियमों को लागू किया है। इन नियमों के चलते यह पता करना आसान हो जाएगा कि, धर्मांतरण किसी प्रलोभन, बल प्रयोग या धोखाधड़ी के माध्यम से तो नहीं किया जा रहा है। यदि इनमें से किसी भी नियम का उल्लंघन पाया जाता है तो एक से पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपए का जुर्माना वसूला जा सकता है।
शादी के इरादे से धर्म छिपाने पर होगी तीन साल की कैद
इस कानून के तहत कोई भी व्यक्ति अंतरधार्मिक विवाह करने के लिए यदि अपने धर्म को छिपाने का कार्य करता पाया गया तो तीन साल तक की सजा दी जाएगी, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है और तीन लाख तक का जुर्मान भी देना होगा।
Discover more from Jan Bharat TV
Subscribe to get the latest posts sent to your email.