मेरठ 6 फरवरी। हाइडेनबर्ग खुलासे के बाद शेयर बाजार में अदानी ग्रुप के शेयरों के धड़ाम होने से एलआईसी और एसबीआई को हुए नुकसान के कारण आम जनता की जमा पूंजी पर मंडराते खतरे को लेकर आज कांग्रेसियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। जे0पी0सी0 व संसद में चर्चा की मांग को लेकर जिला व शहर कांग्रेस कमेटी ने पश्चिमी कचहरी के निकट एस0बी0आई0 कि शाखा पर धरना देकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस पार्टी लगातार इस खुलासे संसद में चर्चा व जे0पी0सी0 की मांग कर रही हैं, लेकिन नरेन्द्र मोदी का दोस्त गौतम अडाणी होने कारण के कारण मोदी सरकार चुपी साधे हुये हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही अडाणी से जुड़े घोटालों की तख्तियां लेकर पहुँचने आरम्भ हो गये थे। कार्यकर्ता गली गली में शोर है, चोकीदार ही चोर है, नरेन्द्र मोदी होश में आओ, दोस्तों के साथ मिलकर देश व जनता के साथ खिलवाड़ मत करो। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला व शहराध्यक्ष जाहिद अंसारी ने किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मण्डल प्रभारी संजीव शर्मा व प्रदेश सचिव नसीम खान प्रभारी के रूप में उपस्थित थे। प्रभारी संजीव शर्मा ने कहा कि सरकार चर्चा व जे0पी0सी0 के गठन से इस लिये भाग रही हैं, की गौतम अडानी मोदी जी के दोस्त हैं, और उन्होंने देश के सारे संस्थान अडाणी को बेच दिये या लीज पर दे रखें हैं।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले 9 वर्षों में मोदी सरकार के विषय मे कही हैं वे सभी सही साबित हुई हैं, राहुल जी ने कृषि कानून बिल, कॅरोना, सरकारी उपक्रमो को अडाणी को सोपने को लेकर की थी।
शहराध्यक्ष जाहिद अंसारी ने कहा की चोकीदार ही चोर हैं, चोकीदार ही भागीदार है, कांग्रेस जे0पी0सी0 गठन व संसद चर्चा तक अपना आंदोलन जारी रखेंगी, मोदी व उनके दोस्तों को देश की संपत्ति व जनता की गाढ़ी कमाई को हजम नही करने देगी
प्रदर्शन में प्रवक्ता हरिकिशन अम्बेडकर, सतीश शर्मा,धूम सिंह,तेजवीर सिंह, विनोद मोघा,मतन सिंह डेडा,सलीम खान,नवनीत नागर,मोहिउद्दीन गुड्डू,अनिल शर्मा,रिहनुदीन जकीउद्दीन, राकेश मिश्रा,विनोद सोनकर,डॉ जफर उल्ला, रोहताश भैया,योगी जाटव,हाशिम अंसारी,दुष्यंत सागर,सलीम पठान,राहत अली,यासर सैफी, पीयूष रस्तोगी, नईम राणा,रुस्तम सैफी, रीना शर्मा,बबली नाथ,सुनीता मंडल,परवीन सेफी, सुदेश राणा,के0डी0 शर्मा,विजय चिकारा,अरुण कुमार, के0के0सिंह,परविंदर ईशु, नरेश चौधरी,इरशाद पहलवान,अजय दामोदर शर्मा,कमल जायसवाल, सौरभ दिवाकर,इकबाल अंसारी,जमील अंसारी,हसमुद्दीन गाजी,प्रतीक सेठी,राम सिंह वरुण,जफर रिजवी,आस मोहम्मद, इकरामुद्दीन अंसारी,तेज पाल सिंह डाब का,आदि सैकड़ों कार्य करता उपस्थित थे।

केएमसी में निशुल्क शिविर का आयोजन

केएमसी मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में फिजियोथेरेपी हेतु डॉ रजनी यादव के निर्देशन में निशुल्क शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंजीकृत मरीजों की हड्डियों में कैल्शियम की जांच शारीरिक कार्य क्षमता की जांच एवं सभी प्रकार की हड्डी जोड़ो नस और मांसपेशियों के दर्द की जांच अत्याधुनिक मशीनों द्वारा एवं ब्लड शुगर की जांच की गई। शिविर का आयोजन के एम सी हॉस्पिटल बागपत रोड पर किया गया।

कांच के निर्माण में सराहनीय योगदान देने वाले डॉ आत्माराम की पुण्यतिथि पर गोष्ठी का आयोजन

कांच के निर्माण में सराहनीय योगदान देने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान शालाओं के महानिदेशक डॉ आत्माराम की पुण्यतिथि पर आज मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बी एच यू बनारस से आए वैज्ञानिक प्रोफेसर रवि कुमार अस्थाना ने पर्यावरण एवम सूक्ष्म शैवाल पर व्याख्यान दिया।
विज्ञान भारती मेरठ प्रान्त के सचिव दीपक शर्मा ने आत्माराम जी के जीवन और उनकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो रूपनारायण ने की संचालन प्रो विजय मालिक ने किया। इस अवसर पर डा यशवेन्द्र, रमाकांत ओझा, डा अश्वनी शर्मा, प्रधानाचार्य मोहन वशिष्ठ, अरविंद कुमारऔर अनेक शोधार्थी एवम विद्यार्थी उपस्थित रहे
1959 में पद्मश्री प्राप्त आत्माराम जी के नाम पर दो पुरुस्कार हर वर्ष दिए जाते हैं।

डॉ. आत्माराम का जन्म 12 अक्टूबर सन 1908 में उत्तर प्रदेश राज्य के बिजनौर ज़िले में पीलाना नामक स्थान पर हुआ था। आत्माराम जी ने अपनी शिक्षा के अंतर्गत बी.एससी. की डिग्री कानपुर से तथा एम.एससी. और पी.एचडी. इलाहाबाद से की। विज्ञान की शिक्षा प्राप्त करने के बाद आत्माराम ने कांच और सेरोमिक्स पर शोध आरंभ किया। ऑप्टिकल कांच अत्यंत शुद्ध कांच होता है और उसका उपयोग सूक्ष्मदर्शी और विविध प्रकार के सैन्य उपकरण बनाने में किया जाता है। भारत में यह कांच जर्मनी से आयात होता था। इस पर प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा व्यय होती थी। डॉ. आत्माराम ने बड़ी लगन के साथ शोध करके भारत में ही ऐसा कांच बनाने की विधि का अविष्कार कर लिया। इससे न केवल देश की आत्मनिर्भरता बढ़ी वरन् औद्योगिक क्षेत्र में उसके सम्मान में भी वृद्धि हुई। 1967 में आत्माराम जी को देश की प्रमुख वैज्ञानिक संस्था ‘वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद’ का महानिदेशक बनाया गया।


Discover more from Jan Bharat TV

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

SiteLock