मेरठ। लिसाड़ी गेट केबल का नगर सीट कारोबारी दिलशाद की 8 साल की बेटी अक्षरा का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि वह नाराज होकर अपने घर के ऊपर वाले कमरे में छिप गई थी। तलाश करने पर से कुशल घर से ही बरामद हो गई।

उल्लेखनीय है की 8 साल की बच्ची अक्षरा के अचानक गायब होने से यह सवाल उठने लगा था कि कहीं मेरठ जनपद में बच्चों को उठाने वाला कोई गैंग तो सक्रिय नहीं है। इससे पहले भी मुल्तान नगर से 5 साल की बच्ची किट्टू और करीब 1 हफ्ते पहले नारंगपुर गांव से 6 साल की शिवांगी गायब हो चुकी है।

अक्षरा के गायब होने के बाद हड़कंप मचा हुआ था। बच्चे को काफी तलाश करने के बाद भी वह नहीं मिली थी तब परिजनों ने थाने जाकर बच्ची की गुमशुदगी के बारे में बताया था। पुलिस का कहना है कि अक्षरा का अपहरण नहीं हुआ था। उसकी उम्र 12 साल है और अक्षरा को सिलाई का काम सिखाया जा रहा था जिसे वह सीखना नहीं चाहती थी इसी कारण नाराज होकर वह अपने घर के ऊपर वाले कमरे में जाकर छुप गई थी। जनों द्वारा नीचे के कमरे में तलाश करने पर मैं मिलने पर थाने पर सूचना दी गई थी। बाद में अक्षरा अपने ही घर से सकुशल मिल गई थी

सहायक निबंधक को पत्र लिखकर अवैध चुनाव रुकवाने की मांग

सुशांत सिटी रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी की प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में अब कॉलोनी वासियों ने सहायक निबंधक सहकारिता एवं चुनाव अधिकारी प्रदीप सिंह को पत्र लिखकर चुनाव चुनाव को निष्पक्ष कराने की मांग की है। ऐसा ना होने की स्थिति में उनके विरुद्ध शासन-प्रशासन और न्यायालय के माध्यम से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अधीन कार्रवाई कराने की चेतावनी कॉलोनी वासियों ने दी है। पत्र मैं कहा गया है कि मतदाता सूची के प्रकाशन आपत्ति प्राप्त करने में आपत्तियों के निस्तारण आदि को जानबूझकर प्रकाशित नहीं कराया गया है और भ्रष्टाचार कर एक पक्षी चुनाव कराने की साजिश रची जा रही है। ऐसी स्थिति में चुनाव अधिकारी के खिलाफ शासन प्रशासन एवं न्यायालय के माध्यम से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अधीन विधिक कार्रवाई कराने के लिए विवश होना पड़ेगा। चेतावनी देने वालों में डॉक्टर सुखराम पाल सिंह तोमर रामअवतार नरेंद्र मलिक प्रवीण कुमार अशोक कुमार अजय कुमार अनिल पवार नरेश मलिक संदीप सिंह राजेश सिंह यादव योगेंद्र पाठक आदि प्रमुख है।


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